यह दूरदर्शन भोपाल के सदस्यों के रचनात्मक सर्जन के निवेश का संकलन है I दूरदर्शन और आकाशवाणी अपने नियमित प्रसारण के माध्यम से हमारी राजभाषा हिंदी को देश के हर अंचल तक सुलभ करवाने के सबसे सशक्त माध्यम हैं. दूरदर्शन भोपाल अपनी इस जिम्मेदारी को अत्यंत सजगता से निर्वाह करता आ रहा है
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मौत से ठन गई / अटल बिहारी वाजपेयी
मौत से ठन गई / अटल बिहारी वाजपेयी
ठन गई!
मौत से ठन गई!
जूझने का मेरा इरादा न था,
मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था,
रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई,
यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई।
मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,
ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं।
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ,
लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ?
तू दबे पाँव, चोरी-छिपे से न आ,
सामने वार कर फिर मुझे आज़मा।
मौत से बेख़बर, ज़िन्दगी का सफ़र,
शाम हर सुरमई, रात बंसी का स्वर।
बात ऐसी नहीं कि कोई ग़म ही नहीं,
दर्द अपने-पराए कुछ कम भी नहीं।
प्यार इतना परायों से मुझको मिला,
न अपनों से बाक़ी हैं कोई गिला।
हर चुनौती से दो हाथ मैंने किये,
आंधियों में जलाए हैं बुझते दिए।
आज झकझोरता तेज़ तूफ़ान है,
नाव भँवरों की बाँहों में मेहमान है।
पार पाने का क़ायम मगर हौसला,
देख तेवर तूफ़ाँ का, तेवरी तन गई।
*मौत से ठन गई।*
दूरदर्शन केन्द्र भोपाल भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शत् शत् नमन् करता है ।
ठन गई!
मौत से ठन गई!
जूझने का मेरा इरादा न था,
मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था,
रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई,
यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई।
मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,
ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं।
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ,
लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ?
तू दबे पाँव, चोरी-छिपे से न आ,
सामने वार कर फिर मुझे आज़मा।
मौत से बेख़बर, ज़िन्दगी का सफ़र,
शाम हर सुरमई, रात बंसी का स्वर।
बात ऐसी नहीं कि कोई ग़म ही नहीं,
दर्द अपने-पराए कुछ कम भी नहीं।
प्यार इतना परायों से मुझको मिला,
न अपनों से बाक़ी हैं कोई गिला।
हर चुनौती से दो हाथ मैंने किये,
आंधियों में जलाए हैं बुझते दिए।
आज झकझोरता तेज़ तूफ़ान है,
नाव भँवरों की बाँहों में मेहमान है।
पार पाने का क़ायम मगर हौसला,
देख तेवर तूफ़ाँ का, तेवरी तन गई।
*मौत से ठन गई।*
दूरदर्शन केन्द्र भोपाल भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शत् शत् नमन् करता है ।
ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा
“ ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा ”
प्रधानमंत्री जी के संकल्प “ ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा ” से प्रेरित
हो मैंने भी कसम खाई कि अब सभी कार्य नियमों के अनुपालन कर ही करूँगा,
किसी को भी रिश्वत नहीं दूंगा और रिश्वत मांगने वाले के विरुद्ध शिकायत
करूँगा. मैंने अपना यह निर्णय जब अपने नित्रों को बताया तो उन्होंने इसे
सराहा लेकिन रिश्वत मांगने वाले की शिकायत कर मुसीबत मोल लेने के गंभीर
परिणामों से भी आगाह किया . मैंने उन सब को सत्य की राह में न चल
गणतंत्र दिवस 2018 की हार्दिक शुभकामनायें
केंद्र प्रमुख का संदेश
केंद्र प्रमुख का द्वितीय संस्करण के प्रकाशन पर शुभकामना संदेश
प्रिय मित्रो,
शब्द निवेश के द्वितीय संस्करण के प्रकाशन पर सभी हिन्दी प्रेमियों का अभिवादन.
एक उत्कृष्ट इ - पत्रिका को साकार रूप देने के लिए प्रभारी हिंदी अधिकारी श्री बाजपाईजी एवं उनकीं टीम को बधाई. हिंदी के प्रसार प्रचार में डिजिटल प्लेटफार्म बहुत सकारत्मक रोल निभा सकते हैं और इसका ज्वलंत उदहारण हमारी शब्द निवेश पत्रिका.
250 कर्मचारियों वाले ऑफिस में प्रकाशित हुई इस पत्रिका को 5000 से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं जो इस बात को साबित करता हैं की इस पत्रिका को पढनेवाले मात्र भोपाल और चंद ऑफिस के कर्मचारी ही नहीं बल्कि पाठको का दायरा उससे भी कही अधिक बढ़के हैं और ये संभव हो पाया हैं पत्रिका को डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रकाशित करने से.
में आशा करता हूँ की ये सिलसिला आगे भी इस तरह जारी रहेगा और हम सब मिलकर माँ सरस्वती के चरणों में अपनी रचना रुपी पुष्पों की भेट इसी तरह चढ़ाते रहेंगे.
शुभकामनाओ के साथ
भोपाल
08-01-2018
आशीष पोतनीस
उप महानिदेशक( अभियांत्रिकी)
दूरदर्शन केंद्र भोपाल
उप निदेशक डीडीके भोपाल का शुभ कामना सन्देश
दूरदर्शन भोपाल कि राजभाषा
ई पत्रिका “शब्द निवेश” के द्वितीय अंक के लिए शब्द निवेश सम्पादन मंडल ,
रचनाकारों और हिंदी एकांश को शुभकामनायें .
मुझे आशा ही नहीं अपितु विश्वास है कि यह अंक देश भर के आकाशवाणी और
दूरदर्शन के सदस्यों द्वारा सराहा जावेगा . आप सभी को नव वर्ष अंक और नव वर्ष २०१८
के लिए हार्दिक शुभकामनायें .
( परशुराम आर्य )
उप निदेशक (.अभि)
प्रशासनिक अधिकारी भोपाल का शुभ कामना सन्देश
दूरदर्शन परिवार को नव वर्ष कि हार्दिक शुभकामनायें , हम सब इस वर्ष को केंद्र को देश के बेहतरीन कार्यकुशल केंद्र के रूप में प्रतिस्थापित करने के लिए संकल्पित होकर कार्य करें यह कामना करता हूँ. हिंदी एकांश श्री बाजपेयी के अतिरिक्त प्रभार में बेहतर परिणाम ला रहा है , नाराकाशा भोपाल द्वारा मिला सम्मान इसका प्रमाण है. केंद्र प्रमुख श्री आशीष पोतनीस जी के सक्रीय नेतृत्व में प्रारम्भ शब्द निवेश का प्रकाशन भी देश में ई पत्रिका के तौर प्रथम प्रयाश है जो आज सफल हो कर अपने नए अंक को लोकार्पित करने जा रहा है, शब्द निवेश परिवार को हार्दिक शुभकामनायें.
(अरविन्द गुप्ता)
प्रशासनिक अधिकारी
कार्यक्रम प्रमुख डीडीके भोपाल का शुभ कामना सन्देश
में दूरदर्शन भोपाल कि राजभाषा ई पत्रिका शब्द निवेश के प्रथम संस्करण को मिले
६००० से अधिक पाठक संख्या को जान हतप्रत हूँ. यह निश्चित ही श्रेष्ठ पाठ्य सामग्री
कि वजह से हुआ है. में कार्यक्रम अनुभाग दूरदर्शन केंद्र कि ओर से शब्द निवेश नव
वर्ष अंक के लिए हिंदी अनुभाग को बहुत बहुत शुभकामनायें देता हूँ और आशा करता हूँ कि यह अंक और अधिक
सराहा जावे. भविष्य में देश भर के आकाशवाणी और दूरदर्शन के रचनाकारों के लिए अभिव्यक्ति का मुख्य श्रोत बने कामना
करता हूँ.
(विवेक पाराशर )
कार्यक्रम प्रमुख
अपरमहानिदेशक, अभि., पश्चिम क्षेत्र मुंबई का शुभकामना सन्देश
अपरमहानिदेशक, अभि., पश्चिम क्षेत्र मुंबई का शुभकामना सन्देश
उपमहानिदेशक, अभि. दूरदर्शन केंद्र भोपाल का शुभकामना सन्देश
श्री आशीष पोटनीस, उपमहानिदेशक (अभियांत्रिकी ) दूरदर्शन केंद्र भोपाल का शुभकामना सन्देश
दूरदर्शन रिक्रिएशन क्लब भोपाल का शुभकामना सन्देश
दूरदर्शन रिक्रिएशन क्लब भोपाल का शुभकामना सन्देश
पूजा पी वर्धन, उप निदेशक समाचार एवं प्रमुख का शुभकामना सन्देश
पूजा पी वर्धन, उप निदेशक समाचार एवं प्रमुख का शुभकामना सन्देश
अनुराधा शंकर जी का शुभकामना सन्देश
अनुराधा शंकर जी (भा. पु. से. ) का शुभकामना सन्देश
सुरेंद्र विहारी गोस्वामी जी का शुभकामना सन्देश
सुरेंद्र विहारी गोस्वामी जी का शुभकामना सन्देश
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