"एक प्रेम"
एक प्रेम चांद का सूरज से,
धरती का आसमान से,
ना मिलकर भी,
एक दूसरे पर भरोसा,
यह किस्सा पुराना
है।
ना मिलकर भी,
वह मोहब्बत तो नहीं,
पर एक भरोसा है।
वैसे तो तुम्हारा
और मेरा,
कोई खास रिश्ता तो
नहीं,
ना मिल कर भी,
एक दूसरे पर भरोसा,
यह किस्सा पुराना
है।
भरोसे से ज्यादा,
भरोसा है तुम पर,
यह किस्सा बनाना
है।
तरुण कृष्णा (न्यूज़ सेक्शन) दूरदर्शन भोपाल
