हिन्दी पखवाड़ा 2025 (प्रथम पुरस्कार)
नाम - अभिषेक कुमार
पद - कॉपी एडिटर (संविदा कार्मिकों के लिए)
प्रतियोगिता- हिन्दी
निबंध लेखन
समाज में सोशल मिडिया का
प्रभाव
सोशल मीडिया जिसे हम सामाजिक संचार माध्यम भी कह सकते है यानि वह बात जिसे हम
अपने आस-पास के लोगों को बताना चाहते है ते उसका सबसे बढिया जरिया हम सोशल मीडिया
को कह सकते है फिर चाहे हम अपनी बात आडियों के रूप मे कहना हो या फिर वीडियो के
रूप में।
2000 सन् के शुरूआती दशक मे जब सोशल मीडिया की शुरूआत हुई तब
शायद हम मेंसे किसी भी ने कल्पना भी नही की होगी। कि सोशल मीडिया की लोकाप्रियाता
इतनी अधिक हो जायेगी। आज सोशल मीडिया का उपयोग अनेक कार्यो के लिये किया जा रहा है
फिर चाहे वो संचार करना हो या फिर अपनी
बातों कों अन्य लोगों को बताना।
समाज मे सोशल मीडिया का प्रभाव ।
आज के बदलते दौर मे समाज में सोशल मीडिया की भूमिका
अहम हो गई है फिर चाहे वह सकारात्मक भूमिका हो या फिर नकारात्मक आज सोशल मीडिया के
दोनों पहलु है।
सकारात्मक प्रभाव - आज सोशल मीडिया समाज अपनी अहम सकारात्मक भूमिका अदा कर रहा है ।
जैसे कि
सुचना का माध्यम - सोशल मीडिया के जरिये हमे अपने आस
पास समाज मे हो रही छोटी बडीहर हलचल की जानकारी शीघ्र मिल जाती है आज यह सूचना
प्राप्त करने का एक प्रमुख माध्यम बन गया है ।
नवाचार का जरिया - आज सोशल मीडिया के जरिये तरह तरह
नवाचार हो रहे है जैसे- यदि किसी के दिमाग
मे कुछ नया अईडिया आया तो वह सोशल मीडिया के जरिये अन्य लोगों से साझा कर सकता है
जिससे अन्य लोगों को मनोबल बढ़ जाता है।
त्वरित मदद - आज सोशल मीडिया के जरिये लोगें को
त्वरित मदद मिल रही हैं यदि आप किसी परेशानी में हैं तो यदि सोशल मीडिया में अपनी
समस्या को साझा किया ते तुरंत मदद मिलने की संभावना रहती है।
समाज मे पहचान बनाने मे मददगार - आज सोशल मीडिया
लोगों के पहचान बनाने और आय अर्जित करने का प्रमुख जरिया भी बन गया हैं लोगो को
बडी संख्या में रोजगार के अवसर मिले हैं।
नकारात्मक प्रभाव - हर सिक्के के दो पहलु होते है फिर
चाहे वह सकारात्मक य फिर नकारात्मक इसी प्रकार सोशल मीडिया के भी अपने कुछ
नकारात्मक प्रभाव है।
यूजर्स का डिमोटिवेट होना - आज सोशल मीडिया का प्रभाव
इतना बढ गया है कि यहां भी प्रतिस्पर्धा का दौर शुरू हो गया है आज लोगो को एक
दूसने से अच्छा दिखने अच्छा दिखाने और आगे निकलने की होड़ है लिहाजा अब लोग दुसरो
को देख कर खुद को डिमोटिवेट फील कर रहे होते है।
सोशल मीडिया मे जरिये स्कैम होना - आज सोशल मीडिया के
अधिक उपयेग बढ़ जाने से धोखाघडी़ जैसे मामले समाले समाज में सामने आते रहते है ।
कई बार लोग ठगी का भी शिकार हो जाते है अतः सावधान
रहने की भी जरूरत है।
समाज फूहड़ता फैलना- आज युवाओं के बीच अधिक प्रचलित हो
रहे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म अब फूहड़ता का अडा बनते जा रहै है यहां पर
न्यूडिटी वाले कटेंट की बाढ़ आ गाई है।
निजी की जानकारी लीक होना - आज सोशल मीडिया के बढते
प्रचलन से हम अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया मे शेयर कर देते है। जबकि कुछ सायबर
अपराधी इन्ही सोशल मीडिया का उपयोग करके हमारी गतिविधियों पर नज़र रखते हैं और मौका
मिलते ही हमारे साथ आपराधिक गातिविधियों को अंजाम दे देते है।
अब कुछ उदाहरण -
यदि हम किसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपनी गतिविधि
की अपडेट देते है वह सर्वजनिक हो जाति हैं।
कुछ सावधानियां-
हमे हमेशा सोशल मीडिया का उपयोग सीमित और सोच समझ कर
करना चाहिऐ
अतं मे हम यह कह सकते है-
कतर्कता ही बचाव का माध्यम है त हमे हमेशा सावधान
रहने की जरूरत है तभी समाज मे इसका
सकारात्मक पभाव देखने को मिल पायेगा।
हिन्दी पखवाड़ा 2025 (द्वितीय पुरस्कार)
नाम- नेहा ठाकुर
पद -डाटा एंट्री आपरेटर (संविदा कार्मिकों के लिए)
प्रतियोगिता- हिन्दी निबंध
लेखन
समाज में सोशल मिडिया का
प्रभाव
समाज मे सोशल मिडिया का प्रभाव - आज के आधुनिक युग मे पहले के युग की अपेक्षा अधिक
टेक्नॉलाजी व सुविधाऍं आ चुकी हैं। वैज्ञानिकों द्वारा रोज नए टेक्नोलॉजी और इन टेक्नोलॉजी में
नित नए - नए सुधार हो रहे है। और इन संशोधन व सुधान के साथ साथ पहले से बेहतरीत
टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है।
इंटरनेट वैज्ञानिकों की अमूल्य देन है। इंटरनेट के माध्यम से व्यक्तियों के बिच
संचार की सुविधाए बहुत आसानी से
प्राप्त हों रही हैं। इंटरनेट कें माध्यम
से आज दूर बैठे व्यक्तियों से कुछ सेकेंड में ही संपर्क किया जा सकता हैं आफिस कार्य या जो भी विशेष कार्य हैं। वो भि आसानी सें
किए जा सकतें हैं।
इंटरनेट आज के युग में वरदान हैं अब
बिना इंटरनेट के आफिस कार्य या अन्य
दस्तावेजों से संबंधित कार्यो की कल्पना की भी नही कर सकतें और इंटरनेट कें माध्यम से केवल संपर्क ही नही किया जाता इससे
हमें कुछ ही सेकेंड में हर तरह की जानकारी
भी प्राप्त कर सकतें हैं। इससें हमारें
कार्यो में बहुत आसानी होती है।
इंटरनेट सबसे बडा माध्यम हैं सोशल मीडिया का इंटरनेट के माध्यम से ही हम सोशल
मीडिया का उपयोग आसानी से कर पा रहे है। सोशल मीडिया से हर एक दूसरे से जुडें रहते
हैं एवं सोशल मीडिया में प्रत्येक व्यक्ति की अपनी एक आई-डी होती हैं एवं उस आई-डी
के माघ्यम से एक दूसरे से सम्पर्क में रहते हैं सोशल मीडिया आज के युग में प्रचार
प्रसार का सबसें महत्वपूर्ण माघ्यम हैं।
सोशल मीडिया पर हर प्रकार की व हर विषय सें संबंधित जानकरी आसानी से उपलब्ध
रहती है आज कल किसी भी व्यक्ति को किसी भी विषय पर जानकारी चाहिए होती है तो वह
सोशल मीडिया का ही प्रयोग करता हैं एवं सोशल मीडिया पर ही तरह तरह के विषय की
जानकारी आसानी से मिल जाती है इसलिए समाज सोशल मीडिया पर आश्रित होते जा रहा है और
समाज पर सोशल मीडिया का आच्छा और बुरा दोनों तरह का प्रभाव पड़ रहा है यह व्यक्ति
पर भी निर्भर करता है कि वह सोशल मीडिया का उपयोग किस तरह कर रहा है आजकल के युग
में बच्चों की पढाई को भी सोशल मीडिया व
इंटरनेट का उपयोग किया जाता हैं और एक जगह से दुसरी जगह मिलों दुर बैठें
व्यक्तियों को तुरत संदेश पहुचने में भी उपयोग होता हैं।
सोशल मीडिया का इस्तेमाल अच्छे काम मे तों होता ही हैं जिससे समाज को बहुत
फायदे है सोशल मीडिया के माध्यम से हम अपने बैंक के कार्य, फार्म, दस्तावेजों
से संबंधित कार्य आसानी से घर बैठे कर सकते है इसके लिए अब हमें बैंक या अन्य
संस्थानों में स्वंय जाने की आवश्यकता नही हैं जिससे समय की भी बचत होती है।
सोशल मीडिया के अच्छे परिणामों के साथ दुष्परिणाम भी बहुत है इसके इस्तेमाल से
हर तरह की जानकारी व प्राप्त हो सकती है इसके इस्तेमाल से हर व्यक्ति जुड़ा हैं
आजकल के समाज में बच्चे भी सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे है अब सोेशल मीडिया का
प्रचालन बहुत बड गया है सोशल मीडिय का बुरा प्रभाव आजकल की युवा पिडी पर अधिक हो
रहा हैं क्योकि इसका इस्तेमाल कोई भी बच्चा किस तरह से कर रहा है इस पर बच्चों के
मा-बाप का कोई कंट्रोल नही है। प्रत्येक व्यक्ति के पास मोबाईल द्वारा सोशल मिडिया उपलब्ध है ।
सोशल मिडिया में विषयों संबंधित जानकारी के साथ साथ विडियों, ओडियो, चित्र
कि सुविधाएं है जिसें देखकर सुनकर व पढ़कर सारी इंद्रयों के माध्यम से हम सोशल
मिडिया का उपयोग करते है और व्यक्ति के दिमाग मे देखकर व सुनकर जो चिज ग्रहण कि
जाती है वह अपना असर अधिक छोडती है एवं व्यक्ति के दिमाग में उनका असर अधिक होता
है इसकें साथ- साथ इसके दुष्परिणाम व्यक्तियों के हेल्थ स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है
इसकी किरणों से भी हमारे स्वास्थ्य पर असर होता है।
सोशल मिडिया से समाज में अच्छे संदेश भी पहुँच रहे है व समाज पर बुरा असर
डालनें वाले संदेश भी सोशल मीडिया के माध्यम से पहुँच रहे है यह व्यक्यिं की सोच व
आत्मज्ञान पर भी निर्भर करता है वह क्या सीखता है।
हिन्दी पखवाड़ा 2025(तृतीय पुरस्कार)
नाम- निलय पाराशर
पद -आलेख संपादक (संविदा कार्मिकों के लिए)
प्रतियोगिता- हिन्दी
निबंध लेखन
समाज में सोशल मिडिया का
प्रभाव
समाज में सोशल मीडिया का प्रभाव - समाज इस विश्व का वो ताना बाना हैं जिसमें
आप और मै, या यूँ कहुँ कि हम
सब इसी से बनें और जुडें हैं समाज जीवन यापन करने का एक सुखद तरीका है। मानव जीवन
में मनुष्य की महत्ता इससे साबीत होती है कि वह जो सीखता है बोलता है यहाँ तक की
उसकी वेषभूषा और खान- पान भी समाज ही निर्मित करता है या यू काहे की सब कुछ काफी
हद तक वहीं निर्धारित करता है आर्थत मनुष्य को जानवर से भेद कराने का मल तंत्र ही
एक समाज है। श्रेष्ठ समाज एक श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण करना है परिणाम स्वरूप
एक श्रेष्ठ राष्ट्रका निर्माण होता है।
मनुष्य ने अपना जीवन यापन को सुखद बनाने के लिए कई आविष्कार किए हैं यहाँ अब
सभ्यता ख़ुद इस बात को प्रमाण है की इसे मनुष्य ने रोम की चीज़ों में मनोरंजन के
साधन ढूँढ फिर चाहे वह शिकार हो अपनी विचारों को आदान प्रदान करने के लिए लोग गीत
या परंपरागत लोक नित्य हो यही बुनियाद समय के साथ बढ़ गई और मनुष्य एक सामाजिक
जानवर की उपाधि से नवाज़ा गया कहीं हैं
आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है अब इतिहास को देखते हुए उसका आपने लिए कई
आविष्कार किया जिसमें से एक है इंटरनेट और इसी की दें है सोशल मीडिया आज जहाँ लोग
कुछ चंद पाल में को दूर बैठे लोगों से जुड़ जाते हैं वाहन शायद मानव सभ्यता के
इतिहास के कारण ही संभव हुआ है जो आपने संचार भाव को इस मुकाम पर ला दिया है आज
कलयुग डिजिटल युग है और यही कारण है की सूचना के इस आदान प्रदान से मीडिया भी
अछूता नहीं रहा है आज सोशल मीडिया परंपरागत मीडिया अभिन्न अंग हो गया है सोशल
मीडिया शब्द ही मीडिया के हिस्सा है प्रदा इसके कई लाभ देखें गए जिसे कुछ बालों
में सूचना आदान प्रदान जिस खबर को भेजने में कई दिन हफ़्ते या महीने लेट थे आज वह
खबर पालक झपकते ही वायरल हो जाति है आज की युवा पीड़ी तो सोशल मीडिया की आदि है
वही देखा जाए की आजकल बड़े बड़े मीडिया चैनल और अख़बार भी वही खबर दिखाते हैं जो
सोशल मीडिया पर वायरल हो या ट्रेंड में है या फिर कोई राज नेता या अभिनेता की
पोस्ट हो यह सब कार्य प्रणाली ही सोशल मीडिया के महत्व को बाटी है
पीले कुछ खास पत्रकार या कहीं की समाज के कुछ नागरिक लोग ही अख़बार में लेख
लिखते थे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन इस बात की वह है उस समय विचार कान प्रदान कम
मुख्य मध्यम करवाया था जो लोगों को जागता था और देश के कई बड़े नेता जय गांधी जी
बाल गंगाधर तिलक जिसे लोगों ने समाज में चेतना जगह
आज यदि बात तो ये जगह सोशल मीडिया ने ले ली है आज कोई भी जिस के पास मोबाइल है
और इंटरनेट है वह एक सूचना देने हा बन गया है और यह सूचना कई आंदोलन को भी जन्म
देती है जैसे की हाल ही में नेपाल में क्रांति हुई और और सभी लोग 13 से 28 की उम्र
के थे कारण वर्ष वाहन की सरकार को झुकना पड़ा और नई सत्ता प्रणाली शुरू हुई
इस सोशल मीडिया पर प्रभाव यही तक सीमित नहीं रहा देशों में अरब स्प्रिंग
आंदोलन भी मुख्य सोशल मीडिया की दें था
अतः अंत में बस यही बात सामने आती है की सोशल मीडिया के कई लाभ हानि हो सकते
हैं परंतु यह सोशल मीडिया की दें है और वही इसका उपयोगी है
एक राष्ट्रीय श्रेष्ठ तब बनता है जब वाहन के लोग श्रेष्ठ हों और समाज में
बहुमूल्य योगदान दे मीडिया समाज को आईना होता है और मीडिया की जब दारी होती है की
समाज में आथिरता पा हो और खबर सत्य हो परंतु सोशल मीडिया पर हर खबर को विस्तृत
तरीक़े से जांच करना ही एक मीडिया कर्तव्य है और सोशल मीडिया के प्रति ज़िम्मेदारी
है।
हिन्दी पखवाड़ा – 2025 (प्रथम पुरस्कार)
प्रतियोगिता – हिन्दी निबंध लेखन
समाज में सोशल मीडिया का प्रभाव
नियमित कर्मियों के लिए
नाम – तनवीर अहमद खान, पद – तकनीशियन, दूरदर्शन केंद्र भोपाल
“समाज
में सोशल मीडिया का प्रभाव”
सोशल मीडिया का प्रारंभ लाभग 35 वर्ष पूर्व हॉटमेल से हुआ जिसको ईमेल के लिए उपयोग किया जाता था। मेल भेजने की एक सीमा होती
थी एक निश्चित सीमा में सूचना का आदान प्रदान होता था। उस समय कंप्युटर का उपयोग
आम जनता तक नहीं था। हॉटमेल आगे चलकर एम. एस. एन. मैसेन्जर में परिवर्तित हो गया रेडिफ मेल और याहूमेल का पर्दापण हुआ जिसके साथ
में रेडिफ बोल और याहू चैट भी आए और बहुत लोकप्रिय हुए।उसके बाद लगभग 30 साल पूर्व आर्कूट आया एवं बहुत अधिक लोकप्रिय हुआ
इसमें हम अपने चित्र भी अपलोड कर सकते थे। इस सबके बाद तीन मित्रों ने मिलकर एक
माध्यम बनाया जिसको हम फेसबुक के नाम से जानते है विश्व में सोशल मीडिया के नाम से
सबसे पहले फेसबुक को
ही पहचाना गया। फेसबुक के बाद और साथ ही लिंकडिन, ट्वीब्र, इन्सटाग्राम, टिक टॉक, स्नेपचैट
आई.एम.वी.यू. एवं अनगिनत प्लेटफॉर्म आ गए, लगभग 2000 में मोबाईल, लैंडलाइन से टक्कर लेने आ चुका था।
इसमें भी मल्टीमीडिया मोबाईल के आना के बाद एम.एम.एस. की शुरूआत हुई
जिसमें आप पिक्चर एवं विडियो का आदान प्रदान करने लगे। 2010 में गूगल एन्ड्राइड फोन के आने पर सोशल मीडिया का परिदृश्य ही बदल गया 2010 से पूर्व हमको सोशल मीडिया से जुड़ने के लिये कम्प्यूटर के
सामने जाने की आवश्यकता होनी थी परन्तु एन्ड्राइड मोबाईल ने सोशल मीडिया को हमसे 24 घंटे के लिये जोड़ दिया अब हमारी नींद खुलने के बाद हम भगवान का नाम लेने की
जगह मोबाईल एवं सोशल मीडिया खोल की देखने लगे।जबकी हम एन्ड्राइड मोबाईल एवं सोशल
मीडिया से पहले पूरे समाचार, रेडियो, टी.वी., अखबार से प्राप्त करते थे जिनको
रेडियो समाचार वाचक, टी.वी. समाचार वाचक या पत्रकार, संवाददाता प्रस्तुत करते थे और ये सही-सही हम तक पहुंचते थे। परन्तु सोशल मीडिया के आने से
प्रत्येक नागरिक स्वंय ही पत्रकार बन गया और खबरों को अपने हिसाब से टोड़ मरोड़ की
प्रस्तुत किया जाने लगा। हम समझ ही नहीं पाते हैं कि असली खबर क्या है। प्रत्येक सोशल मीडिया में
स्टेट्स लगाने, रील बनाने का आप्शन होता है। जिसमें हम अपनी अति
गोपनिय जानकारी, चित्र, विडियो भी सांझा करने लगे। एक समय
था जब टिक टॉक पर रील बनाने से कई दुर्घटनाएं हो गई थी और कई लोग घायल हुए और कई
लोगां की मृत्यू भी हो गई थी। सरकार ने उस पर भारत में बैन लगा दिया था लेकिन उसके
बाद सभी प्लेटफार्म पर रील एवं स्टेट्स का आप्शन जोड़ दिया गया। आज सोशल मीडिया
इन्फ्जेएंसर्स को सरकार बढ़ावा दे रही है। यू-ट्यूब एवं ओ.टी.टी. प्लेटफार्म ने टैरेस्टियल एवं
सेटेलाईट ट्रांसमिशन का व्यवसाय ही खत्म कर दिया है। आज घर में 50 इन्च
की टी.वी. होने के बावजूद मोबाईल पर सोशल
मीडिया पर रील देखने में अपना समय व्यतीत करते है। विश्व में कई बेरोज़गार युवाओं ने और अलग-अलग पेशे से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया को ही अपना
रोज़गार बनाया। कुछ लोगों ने जानकारी देने के लिये इस पर विडियो एवं रील बना कर
डाली और उस से पैसे कमाना आरंभ किया। कई लोगों ने अभिनय करके छोटे छोटे विडियो
बनाकर लोगों का
मनोरंज किया और चर्चा में आ गए।अंग प्रदर्शन एवं अवयस्क बालक-बालिकाओं को आसानी से उपलब्ध हो जाता है। अपराधी साइबर फ्रॉड के माध्यम से
आसानी से करते हैं, जिससे उनको पकड़ना कठिन एवं नामुमकिन होता है। गलत
सूचनाओं का आदान-प्रदान करके समाज को एक-दूसरे के धर्म के
प्रति भड़काने का प्रयास भी सोशल मीडिया पर आसानी से करते हैं। इसके लिए हमको किसी
भी सूचना को आगे बढ़ाने से पूर्व पीआईबी फैक्ट चेक साइट या अन्य साइट पर फैक्ट चेक
कर लेना चाहिए, जिससे हम गलत सूचना के प्रचार-प्रसार के भागीदार न बनें। आज हम किसी भी प्रकार की जानकारी सोशल मीडिया पर ही ढूंढते हैं, जो सही
नहीं है। वहाँ पर कई फेक प्रोफाइल्स पे कॉन्टैक्ट नंबर के साथ मौजूद होती हैं, जिस पर
संपर्क करके हम शिकार बहुत आसानी से हो सकते हैं। पूरे विश्व में सबसे सस्ता
इंटरनेट डेटा भारत में उपलब्ध है और हम अपना अधिकतर कीमती समय मोबाइल में स्क्रॉल
करते हुए बर्बाद कर देते हैं, जिससे हमारे बहुत आवश्यक कार्य
नहीं हो पाते हैं। हमारे बच्चे भी हमारा अनुसरण करते हैं और मोबाइल पर उनका बहुत
अच्छे पढ़ने वाले बच्चे भी पढ़ाई में पिछड़ के जाते हैं। अनावश्यक प्रेम संबंधों
में उलझकर अपने और विश्व को बर्बाद कर देते हैं। कई युवा सोशल मीडिया पर धोखा खाने
के बाद आत्महत्या कर लेते हैं। अंत में आप और हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि
सोशल मीडिया के अनेक फायदे भी हैं और नुकसान भी। तब उपलब्ध यह है कि हम नुकसान
उठाते हैं या फायदा।
धन्यवाद।
हिन्दी पखवाड़ा – 2025 (द्वितीय
पुरस्कार)
प्रतियोगिता – हिन्दी
निबंध लेखन
नाम – सुनील कुमार पण्डया, पद –अभियांत्रिकी सहायक, दूरदर्शन
केंद्र भोपाल
“समाज
में सोशल मीडिया का प्रभाव”
एक समय था जब संचार के लिए व्यक्ति पत्र, लेखन
सामग्री, टेलीफोन आदि पर निर्भर था। सूचना और ज्ञान के लिए वह समाचार पत्र, पत्रिकाओं और व्यक्तिगत बातचीत व सामूहिक चर्चा का ही उपयोग किया
करता था। जैसे-जैसे तकनीकी विकास हुआ, संचार माध्यम उन्नत होते गए और देखते ही देखे बहुत कम अंतराल में
यह प्रभावित तकनीक की पहुंच आम आदमी तक हो गई। आज महज20 से 25 वर्षों
में आधुनिक तकनीक से लैस मोबाइल फोन ने लगभग सभी हाथों में अपनी जगह बना ली है।अब
समाज का हर व्यक्ति सूचना और ज्ञान के लिए समाचार पत्र,
पत्रिकाओं के अलावा सोशल मीडिया का भी प्रयोग कर रहा है। यह कहना भी अतिश्योक्ति न
होगा कि सोशल मीडिया अब लगभग अन्य सभी माध्यमों को पीछे छोड़ अपने पांव पसार रहा
है। उसका कारण भी है जो सूचना प्राप्त करने के लिए उसे घंटों या कई दिन की
प्रतीक्षा करनी पड़ती थी वहीं अब मिंटो और सैकड़ो में उसकी जेब में रख मोबाइल तक
पहुंच जाती है। सूचना का आदान-पर दान इतना सहज हो गया है कि व्यक्ति की मोबाइल पर
निर्भरता भी बढ़ती जा रही है। मोबाइल पर प्राप्त सूचनाओं को सहेजने की क्षमता भी अथाह
है, जो इसे आम आदमी के उपयोग के लिए सबसे सशक्त
माध्यम का दर्जा प्रदान करती है। आज का यह समय या यूँ कहे कि इस क्रांतिकारी युग
में सोशल मीडिया का प्रयोग लगभग हर व्यक्ति कर रहा है और इसका भरपूर लाभ भी उठा
रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी होना वर्तमान में हो
रहे कानून में बदलाव, प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व
जानकारी, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, रोजगार के अवसर, रेल गाड़ियों की जानकारी (बदलाव एवं नवीनीकरण), राजनीतिक गतिविधियों और ऐसी ही अनगिनत सूचनाएं प्राप्त करने का
सुलभ माध्यम है - सोशल मीडिया।
आपदा की स्थिति में
कोई संदेश प्रसारित करना हो या व्यक्तिगत रूप से किसी को निमंत्रण देना हो या किसी
सरकारी विभाग तक अपनी समस्या पहुंचना हो यह अब बिना अपने स्थान से हिले बहुत ही
सुगमता से संभव है। यह मध्यम अब हमें सभी मित्रों व स्नेहीजन से एक साथ जोड़ने में
भी मदद करता है, चाहे वह विश्व के किसी भी कोने
में निवास कर रहे हो। एक समय था, जब अपने बचपन में साथ रहे मित्रों
को ढूंढना या उनसे बात करना लगभग असंभव था। लेकिन आज सोशल मीडिया ने जैसे विश्व को
बहुत छोटा बना दिया है। इन सकारात्मक पहलुओं के अलावा सोशल मीडिया कुछ नकारात्मकता
भी लेकर आई है। समाज में लोगों का व्यक्तिगत जुड़ाव काफी हद तक काम कर दिया है। नववर्ष
और त्योहारों पर दी जाने वाली शुभकामनाएं अब ऑनलाइन हो गई हैं। इससे व्यक्ति का
आत्मीय भाव उस तक नहीं पहुंच पाता है। इसके अतिरिक्त सबसे नकारात्मक पहलू है, इसका अत्यधिक उपयोग जो कि व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए बहुत
हानिकारक है। भ्रामक खबरों का सोशल मीडिया में दुष्प्रचार बहुत आम हो गया है जो
समाज के लिए कभी-कभी बहुत घातक सिद्ध होता है।
धन्यवाद
हिन्दी पखवाड़ा – 2025 (तृतीय
पुरस्कार)
प्रतियोगिता – हिन्दी
निबंध लेखन
नाम –मुकेश शर्मा, पद –कार्यक्रम अधिशासी, दूरदर्शन
केंद्र भोपाल
“समाज
में सोशल मीडिया का प्रभाव”
प्रस्तावना - हमारा देश विभिन्न धर्मों, संस्कृति, परंपराएं और विभिन्न जातियों का
समूह है। इन्हीं समूहों से समाज और देश का निर्माण होता है, समाज
हमारे देश का प्रतिबिंब है, एक समाज अपने व्यक्तित्व और
कृतित्व का आईना होता है। एक समाज अगर सुदृढ़ होता है, तो हमारा
देश भी नई-नई ऊंचाइयों को छूता है। पुराने कालों से इतिहास गवाह है
कि समाज और समाज में होने वाली गतिविधियों के प्रचार प्रसार के लिए समय-समय पर विभिन्न प्रकार के प्रयोग किए जाते रहे हैं। जिससे समाज के प्रत्येक व्यक्ति
तक सूचना भेजी जा सके जिससे प्रत्येक व्यक्ति समाज के कार्यों व कर्तव्यों के
प्रति जिम्मेदारी निभा सके एक समाज मजबूत तभी हो सकता है। जबकि उसे समाज से जुड़ा
प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन समाज के प्रति पूर्ण निष्ठाईमानदारी
व लगन के साथ कार्य कर सके। आज के परिदृश्य में जैसे हमारा देश आधुनिकता की ओर
विकसित होता गया वैसे-वैसे हमारा समाज भी निरंतर आगे
बढ़ता गया। पहले
हम संदेश कबूतरों को भेज कर या व्यक्ति को भेज कर करते थे फिर चिट्ठी पत्रों से
फिर धीरे-धीरे तेजी से फिर मोबाइल से फिर इंटरनेट से आज का
परिदृश्य काफी बदला हुआ है एक क्लिक और संदेश दूसरी तरफ पहुंच जाता है। आज की इस
भाग दौड़ की जिंदगी में मनुष्य के पास समय कम और कार्य ज्यादा है।
इस समाज के बदलते परिदृश्य में शिक्षा के महत्व को हमें
नहीं भूलना चाहिए। जैसे-जैसे समाज में शिक्षा का स्वरूप बदला तो हमारे समाज में
हमारे जीने की कला में बदलाव आने लगे। शिक्षा हमारे बदलते समाज का मुख्य बिंदु है
हम जैसे-जैसे शिक्षा के महत्व को जानने लगे तो हम अपने
समाज और समाज के व्यक्तित्व और उसके उत्थान के लिए कार्य आसानी से करने लगे।
शिक्षा के बदलते परिदृश्य ने हमारे जीवन में बहुत ही मूल्यवान व अचूक परिवर्तन करते
हैं।उनमें से एक है सोशल मीडिया। आज देश के बच्चे के जुबान पर सोशल मीडिया का यह
शब्द उनके अपने दिलों में एक जगह बना चुका है। सोशल मीडिया आज ऐसा लगता है कि इस
शब्द के बिना जीवन अधूरा है।
आज के परिदृश्य में हमारे दिन भर के क्रियाकलापों में सोशल
मीडिया का महत्व काफी बड़ा है। हम आज सुबह उठने से लेकर पूरे दिन भर सोशल मीडिया
का उपयोग करते हैं। आज के कंप्यूटर और मोबाइल व सेटेलाइट की दुनिया में आज हम एक
पल में एक स्थान से दूसरे स्थान पर तुरंत अपने विचार संदेश फोटो वीडियो एक क्लिक
के साथ पहुंचा सकते हैं। इस सोशल मीडिया से समाज को मजबूत करने में काफी सहायता
मिली है। सोशल मीडिया के जहां फायदे ही वहीं दूसरी तरफ इस इंटरनेट की दुनिया से कई
नुकसान भी है।
सोशल मीडिया का समाज व समाज के बच्चों व नई पीढ़ी पर कई
दुष्प्रभाव भी हमें देखने को मिलते हैं। जैसे आंखों की बीमारी, एकाग्रता, अपने टारगेट से भटकाव, पूरे समय मोबाइल व सोशल मीडिया पर रहना मानसिक रोग गलत कार्यों
में लिप्त होना साइबर अटैक जैसे अन्य कई बातें जो समाज व देश को काफी नुकसान
पहुंचा रही है। अगर हमारा समाज इस सोशल मीडिया का उपयोग अपने उत्थान व सही कार्य
करने में लगा है जिससे हम सही प्रचार प्रसार कर समाज को और अपने देश को एक नई
ऊंचाइयां दे सकते हैं। जैसा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का
सपना है कि हमारा देश 2047 तक एक विकसित देश बन सके हमारा देश
एक नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सके इसलिए हमें हमारे समाज का देश के उत्थान के लिए
सोशल मीडिया का उपयोग सही दिशा व सही मार्ग मार्गदर्शन में करना चाहिए।
धन्यवाद
हिंदी पखवाड़ा 2025 (सांत्वना
पुरस्कार)
प्रतियोगिता – हिन्दी
निबंध लेखन
नाम - अमित खन्ना, पद– तकनीशियन, दूरदर्शन केंद्र भोपाल
निबंध
की रूपरेखा -
प्रस्तावना
समाज
सोशल
मीडिया की भूमिका
सोशल
मीडिया से पढ़ने वाला प्रभाव
उपसंहार
प्रस्तावना - सामाजिक मनुष्य के लिए समाज एक अहम
भूमिका निभाती है जिसका असर हमारे परिवार, समाज और देश हित को प्रभावित करती
है। इसी कारण समाज में सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रभाव पड़ता है जिससे प्रत्येक
व्यक्ति जागरूक और सचेत हो जाता है। समाज में रहने वाले हर नागरिक सोशल मीडिया की
जानकारी रखता है और इस प्रकार समाज में सोशल मीडिया का अच्छा ही प्रभाव पड़ता है।
समाज- समाज एक समुदाय है यह प्रगतिशील है
तथा लगातार नए-नए आयामों की प्रवृत्ति समाज को प्रभावित करती है। हर
व्यक्ति अपने सामाजिकता में रहकर सामाजिक कहलाता है उसकी गतिविधि को आत्मसात भी
करता है साथ ही समाज की कुरीतियों को दूर करने का प्रयास करता है। समाज हमें बहुत
कुछ सीखना है और हमें सामाजिक मनुष्य बनता है। समाज एक ऐसा समुदाय है जहां
व्यक्तिगत हितों को सर्वोपरि माना जाता है। समाज मनुष्य को सामाजिक गतिविधियों से
जोड़े रखता है, यही समाज कहलाता है।
सोशल मीडिया की भूमिका-यह विदित है कि समाज पर सोशल मीडिया की भूमिका बहुत ही अहम है। सोशल मीडिया के द्वारा समाज को जागरूकता
प्रदान करती है। सोशल मीडिया के द्वारा सामाजिक क्रियाकलापों की गतिविधि समावेषित
होती है। सोशल मीडिया ने समाज को ऊंचाइयां प्रदान की है। वर्तमान समय सोशल मीडिया
का ही है जहां हमें सारी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त होती है। जहाँ समाज अपनी
भूमिका निभाता है वहीं पर सोशल मीडिया भी एक अहम भूमिका के रूप में अपना
प्रतिसंवाद लोगों तक पहुंचती है। यह सही है कि कोई भी समाज सोशल मीडिया से अछूता
नहीं रहा है क्योंकि यह एक अहम किरदार प्रस्तुत करता है।
सोशल मीडिया से पढ़ने वाला प्रभाव-समाज में चारों तरफ सिर्फ जागरूकता के पैमाने पर सोशल मीडिया से ही जनचेतना
में जागरूकता आती है।
घर बैठे-बैठे हम सभी सामाजिक गतिविधियों की
जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सोशल मीडिया से हमारे समाज का ही उत्थान नहीं हुआ है
बल्कि शिक्षा, चिकित्सा और वातावरण पर भी इसका
अच्छा असर पड़ता है। समाज में रहने वाला प्रत्येक मनुष्य सोशल मीडिया का ही
इस्तेमाल करता है साथ ही सभी जगह होने वाली चीजों या घटना की जानकारी प्रदान करता
है। सोशल मीडिया एक ऐसा हितकारी और जनचेतना का माध्यम बन गया है। सोशल मीडिया से
पड़ने वाले प्रभाव भी कई कारणों को इंगित करते हैं- जैसे
इसका वास्तविक असर अच्छा माना जाता है वहीं नकारात्मक खबरें भी हिंसात्मक
प्रवृत्ति को जन्म देती है। समाज में रहने वाला हर व्यक्ति जागरूक और समझदार होता
है वहीं पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल से अच्छी खबरों को समाज में फैलने की अहम
भूमिका निभाता है और सोशल मीडिया से सामान्यता बनाए रखता है। सोशल मीडिया से पड़ने
वाले प्रभावों का विस्तारित स्वरूप समाज को जोड़े रखता है साथ ही महत्वपूर्ण
जानकारियों को बटोर कर समाज में अच्छी खबरों को निष्पादित भी करता है। यह बात सही
है कि सोशल मीडिया से पड़ने वाला प्रभाव व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास करने में
महत्वपूर्ण भूमिका नियोजित करता है।
उपसंहार- समाज में सोशल मीडिया का प्रभाव
सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से पड़ता है। समझ में हर व्यक्ति का एक पद होता है पहचान होती है
और इस पहचान के माध्यम से सोशल मीडिया से प्राप्त होने वाली जानकारी को अपने समाज
में संपादित करता है।
समाज एक नियोजित रूपरेखा होती है जहां पर प्रत्येक कार्य
नियोजित ढंग से निष्पादित किए जाते हैं और उसी नियोजित ढंग से किए जाने वाले
कार्यों पर सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण और अहम किरदार निभाता है।
सोशल मीडिया समाज से परे नहीं है अपितु ये भी समाज का एक
हिस्सा ही है। सोशल गतिविधि और जनकल्याण के कार्यों की प्रतिलब्धता समाज को उजागर
कर नियोजित और तारतम्य स्वरूप में पिरोती है। अर्थात समाज में सोशल मीडिया एक
सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में परिलक्षित होती है। समाज में प्रत्येक वर्ग के
लोगों की उपस्थिति होती है उसी वर्ग में सोशल मीडिया अपना हम रूप संपादित करती है।
चाहे जन कल्याण की बात हो या जन जागरूकता की। सभी स्तरों का बोलबाला सोशल मीडिया
ही करता है। सरल शब्दों में अगर कहें तो समाज के अंदर की गतिविधियां एक दूसरे तक
पहुंचने में सोशल मीडिया के द्वारा पूरी होती है। टीवी चैनल हो या रेडियो या अन्य
कोई संवाद सभी तरह से लोगों को जागरूक और समझदार बनाने में समाज के अंदर सोशल
मीडिया अति महत्वपूर्ण स्रोत है। अतः यह समझा जाना व्यक्ति के हित में अनुकूल और
प्रतिकूल प्रभाव डालती है। देश-विदेश में होने वाले खबरों की
जानकारी समाज में रखते हुए
सोशल मीडिया के माध्यम से ही मिलती है। इस प्रकार समाज में सोशल मीडिया का प्रभाव
अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया समाज में सामंजस्य बनाए रखती है, और इस प्रकार प्रत्येक समाज की गतिविधियों की जानकारी सोशल मीडिया
के माध्यम से प्राप्त होती रहती है। अतः समाज में सोशल मीडिया का प्रभाव सकारात्मक
दृष्टि से परिलक्षित होती है।
धन्यवाद