संपादकीय, अंक 2026

 

प्रिय पाठकगण,

सादर नमस्कार!

    शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं होते, वे हमारे विचारों, संवेदनाओं और अनुभवों को स्वर देने का सशक्त माध्यम हैं। इन्हीं शब्दों को सहेजने और रचनात्मकता को एक साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से दूरदर्शन केन्द्र भोपाल के हिंदी राजभाषा विभाग द्वारा प्रकाशित ई-पत्रिका ‘शब्द निवेश’ का वर्ष 2026 अंक आपके समक्ष प्रस्तुत करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष एवं संतोष की अनुभूति हो रही है।

    दूरदर्शन केवल सूचना और मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के विविध रंगों, विचारों और संवेदनाओं को जन-जन तक पहुँचाने वाला सशक्त मंच है। इसी रचनात्मक परिवेश में हमारे केन्द्र से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ साहित्य और सृजन के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का परिचय देते रहे हैं। ‘शब्द निवेश’ उन्हीं रचनात्मक अभिव्यक्तियों का सुंदर संकलन है।

    इस अंक में प्रकाशित रचनाएं हमारे सहकर्मियों के विविध अनुभवों, भावनाओं, कल्पनाशीलता और सामाजिक सरोकारों को प्रतिबिंबित करती हैं। कहीं जीवन की सहज अनुभूतियां हैं, कहीं प्रकृति का सौंदर्य, कहीं मानवीय संबंधों की आत्मीयता, तो कहीं समाज और समय के प्रति सजग दृष्टि। इन रचनाओं में हमें अपने आसपास के जीवन की झलक भी दिखाई देती है और नए विचारों की प्रेरणा भी मिलती है।

    राजभाषा हिंदी के प्रति हमारा दायित्व केवल कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग तक सीमित नहीं है। हिंदी हमारी संवेदनाओं और विचारों की भाषा भी है। जब कोई व्यक्ति अपनी अनुभूति को सहजता और आत्मीयता से हिंदी में अभिव्यक्त करता है, तो भाषा और अधिक समृद्ध होती है। इस दृष्टि से ‘शब्द निवेश’ हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ कार्यालय में छिपी रचनात्मक प्रतिभाओं को सामने लाने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    इस अंक को समृद्ध बनाने में योगदान देने वाले सभी रचनाकारों के प्रति मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आपकी रचनाएं इस पत्रिका की वास्तविक पूंजी हैं। साथ ही, पत्रिका के संकलन, संपादन एवं प्रकाशन में सहयोग देने वाले सभी सहकर्मियों का भी विशेष धन्यवाद, जिनके सामूहिक प्रयास से यह अंक आकार ले सका।

    मुझे विश्वास है कि ‘शब्द निवेश’ का यह अंक पाठकों को पढ़ने का आनंद देने के साथ-साथ सोचने, महसूस करने और सृजन के लिए भी प्रेरित करेगा। हमारी यह ई-पत्रिका आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्ध हो तथा दूरदर्शन केन्द्र भोपाल के प्रत्येक कर्मचारी की रचनात्मक आवाज को मंच प्रदान करती रहे—इसी शुभकामना के साथ।

आइए, हम सब मिलकर हिंदी के इन शब्दों में अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों का निवेश करते रहें।

 

सादर,

 

संपादक
कपिल भटनागर,

संपादक, शब्द निवेश

दूरदर्शन केन्द्र, भोपाल